बिल्टी › चार्ज वज़न
असली वज़न, चार्ज वज़न और भाड़ा
भाड़ा शायद ही कभी सिर्फ़ "वज़न गुणा रेट" होता है। ट्रांसपोर्टर आमतौर पर कैसे निकालते हैं, और मेकर कैसे हिसाब करता है।
दो वज़न
- असली वज़न: तराज़ू पर माल का वज़न।
- चार्ज वज़न: जिस वज़न पर भाड़ा लगता है। यह असली वज़न से ज़्यादा हो सकता है, जैसे प्रति पैकेज न्यूनतम चार्ज वज़न, या ट्रक भरने वाले हल्के पर बड़े माल के लिए ज़्यादा वज़न।
हर पैकेज लाइन पर दोनों लिखें। चार्ज वज़न खाली छोड़ें तो असली वज़न लिया जाता है।
भाड़े का आधार
| आधार | कैसे निकलता है | उदाहरण |
|---|---|---|
| प्रति kg | चार्ज वज़न × रेट | 2,000 kg × ₹4 = ₹8,000 |
| प्रति टन | चार्ज वज़न ÷ 1,000 × रेट | 2,000 kg ÷ 1,000 × ₹3,500 = ₹7,000 |
| प्रति पैकेज | पैकेज की संख्या × रेट | 40 बोरी × ₹190 = ₹7,600 |
| तय | जो रकम लिखें | पूरा ट्रक ₹26,000 |
दूसरे चार्ज
लोडिंग या हमाली, डोर डिलीवरी, LR या स्टेशनरी चार्ज और दूसरे चार्ज भाड़े में जुड़ते हैं। फॉरवर्ड चार्ज में GST लेते हैं तो वो कुल पर निकलता है।
टिप्स
- नियमित पार्टियों के साथ चार्ज वज़न का नियम लिखित में तय करें।
- बिल्टी पर रेट का आधार लिखें; मेकर भाड़े के साथ छापता है ("₹4.00 per kg")।
- पूरे ट्रक के माल का असली वज़न धर्मकांटे पर जांचें और पर्ची ऑफ़िस कॉपी के साथ रखें।
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